डीडवाना में बढ़ती ऑनलाइन शॉपिंग

ऑनलाइन खरीददारी पर लेख।
(लोगो मे बहुत गलतफहमियां है ऑनलाइन खरीददारी के बारे में, यह लेख ऑनलाइन शॉपिंग की गहराई तक वाख्या करता है)

में कम से कम 18 बार ऑनलाइन खरीददारी कर चुका हूं। आज तक कोई चीज खराब या अलग नही आई। पूरी तरह सेक्योर पेमेंट होता है। जैसी चीज दिखाई जाती है वैसी ही मिलती है। चलिए जानते है डीडवाना में amazon.in से खरीददारी से जुड़े कुछ सवालों के जवाब।

1. हम कंहा से खरीदते है?
वास्तव में अमेज़न सिर्फ एक मार्किट है। मार्किट मतलब एक प्लाजा। प्लाजा मतलब एक बड़ी सी बिल्डिंग जिसमे बहुत सारी दुकानें होती है। सब दुकाने किसी ना किसी को किराए पर दी हुई होती है। उन दुकानों में जो भी सामान मिलता है उसमे प्लाजा के मालिक का कोई हाथ नही होता। सब दुकान मालिको की जिम्मेदारी है। लेकिन अपने प्लाजा की साख बनाये रखने के लिए प्लाजा का मालिक ऐसे किरायेदारों की दुकानों को लात मार कर निकाल सकता है जो धांधली करते है।
कुल मिलाकर प्लाजा मालिक(amazon.in) के लिए अपने प्लाजा की इज़्ज़त का सवाल होता है। उसकी आमदनी किराए से होती है जबकि दुकान मालिको के लिए अपनी दुकानों की इज़्ज़त का सवाल ओर बेचे गए सामान से आमदनी होती है।

तो आप अमेज़न से सामान खरीदते है इसका मतलब यह बिल्कुल नही है कि अमेज़न के मालिक के पास एक बहुत बड़ी दुकान है और उसमें से आप सामान खरीद रहे है।

दुकाने:- दुकाने रिटेलिंग पर काम करती है। मतलब सीधा कम्पनी से सामान मंगवाती है और रिटेलिंग पर आपको बेचती है।
ये सामान कभी कभी विदेशो से भी मंगवा लेती है यदि आपकी डिमांड हो। और वह सामान आपको ज्यादा महंगा भी नही पड़ेगा अगर चीन से मंगवाया गया हो।

2. ऑनलाइन शॉपिंग की जरूरत क्यों पड़ती है?
यह सवाल बार बार पूछा जाता है कि क्यो नही सीधा डीडवाना मार्किट से सामान खरीद सकते।
वेल, इसका उत्तर यह है कि कुछ सामान या तो डीडवाना में मिलता ही नही है, या मिलता है तो वराइटी नही मिलती। ओर वेराइटी के अभाव में  हमारी मजबूरी हो जाती है उसी सामान को लेने की। इस मजबूरी का फायदा उठाकर दुकानदार वह सामान महंगा बेचता है। और महंगे दामो पर खरीदना हमारी मजबूरी बन जाती है क्योंकि वर्ना वह चीज लेवे कंहा से।
दूसरा, डीडवाना मार्किट के दुकानों वाले खुद सीधा कम्पनी से सामान नही मंगवाते। इसका मतलब आप तक सामान पंहुचते वक्त उसकी दो बार रिटेलिंग हो चुकी होती है। पहली बार जंहा से वे लाये है उस दुकान पर ओर दूसरी बार खुद की दुकान पर। लेकिन अमेज़न पर सिर्फ एक बार रिटेलिंग होती है। इसलिए सामान आपको सस्ता पड़ता है।

3. सामान खरीदने का प्रोसीजर-
उदाहरण के लिए मैंने एक JBL स्पीकर खरीदा। उसके लिए मैंने आइटम देखा, उसको कार्ट में डाला और चेकआउट के जरिये पेमेंट कर दिया। (पेमेंट ज्यादातर एडवांस में होता है). अब निम्न स्टेप्स में वह सामान मेरे पास पंहुचेगा।
A. अमेज़न उस दुकानदार को बताएगा कि फलां कस्टमर ने आपकी दुकान का स्पीकर मंगवाया है। दुकानदार तुरन्त अपनी दुकान में पड़ा स्पीकर उठाकर उसे एक डिब्बे में पैक करके सीधा कुरियर करवाने जाएगा। कुरियर तीन तरह से करवा सकता है–
(A) अमेज़न की खुद की कुरियर “गति” के जरिये।(B) थर्ड पार्टी कुरियर कम्पनी जैसे कि delhivary के जरिये।(B) स्पीड पोस्ट के जरिये।

अब ज्यो ही कुरियर बुक होगा, उसको एक ट्रेकिंग नंबर मिलेंगे। वे नम्बर वह अमेज़न को भेजेगा ओर आपके सामान के आगे वे ट्रेकिंग नम्बर प्रदर्शित होने लगेंगे।
उन से आप समान ट्रैक कर सकते है कि सामान कंहा पंहुचा।
इस पूरी बुकिंग प्रक्रिया को shipping कहते है। यह शब्द ship से बना है। शिपिंग का अर्थ हो गया – जहाज पर लादना। यंहा कुरियर एक जहाज ही है जो पानी की जगह सड़को पर ट्रक के जरिये चलकर आपके घर तक आता है।

ईसके बाद आप बाकायदा अपना एकाउंट से उस सामान को ट्रेक कर सकते है।

4. डीडवाना तक सामान पँहुचने का सफर।
सामान कंहा से होकर आएगा, यह इस पर निर्भर करता है कि आपने सामान जिस दुकान से खरीदा है वह दुकान कहां पर स्थित है। मेने स्पीकर जंहा से खरीदा वह दुकान बंगलोर स्थित थी। पहले दिन ट्रेकिंग में
“item shipped” लिखा पाया। मतलब सामान कुरियर हो चुका है। कुरियर कम्पनी थी – Gati

दूसरे दिन –
item left the curior facility banglor”
तीसरे दिन –
item arrived at curior facility banglor
item left the curior facility banglor.

मतलब समान बंगलोर में ही घूम रहा है। असल मे बंगलोर में एक बहुत बड़ी कुरियर फैसिलिटी है जो सामान को शहर से बाहर ले जाती है। जबकि अंदर छोटी छोटी कुरियर फैसिलिटी होती है जो अलग अलग बस्तियों में बनी होती है। कुल मिलाकर समान अभी किसी बस्ती/ मार्केट से निकलकर पास वाली कुरियर फेसिलिटी पर गया, छोटी कुरियर ने वह सामान शहर की मुख्य कुरियर फैसिलिटी पर भेज दिया।

चौथे या पांचवे दिन-
item arrived at curior facilty jaipur

इसका मतलब है सामान उस फेसिलिटी से सीधा जयपुर पंहुचा है।

जयपुर तो कर कुरियर कम्पनी का सामान पंहुचता है। उसके बाद  बचता है डीडवाना तक पँहुचना।
उसके लिए अगर खुद डीडवाना में उस कम्पनी की कुरियर फैसिलिटी है तब तो वह सामान सीधा आएगा। जैसे वर्तमान में delhivary(कातला बास)।
लेकिन अगर किसी कम्पनी की नही है तो वह समान पास वाली कुरियर फैसिलिटी पर आएगा और फिर वह फैसिलिटी जब डिलीवरी के लिए अपनी ट्रक लेकर लेकर बाहर निकलेगी तब घर घर घूमते हुए डीडवाना में भी समान पंहुचा देगी। जैसे गति। वह नागौर में है इसलिए हर दो दिन बाद डीडवाना कॉलेज के सामने आती है।

घर पर डिलीवरी–
वर्तमान में प्रैक्टिकली कोई घर पर डिलीवरी नही करता है। घर पर केवल तब डिलीवरी होगी जब फैसिलिटी के घाटे का सौदा नही होगा। फैसिलिटी को पर पैकेट के हिसाब से पैसे मिलते है। जैसे delhivary को 20 रुपये एक पैकेट के।
वह 20 रुपये के लिए आपके गांव तक 100 रुपये का तेल जलाने नही आएगा।
लेकिन आपके गांव में बहुत लोग खरीददारी करने लगे, तो जब उसके पड़ते खाएंगे तो जरूर वह आपके घर पर भी पंहुचा देगा।

वर्ना delhivary के लिए कातला बास जाइये। अथवा गति के लिए दो दिन बाद ट्रक कॉलेज के सामने आकर खड़ी होने का इंतज़ार कीजिये।

जब सामान को घर घर देने के लिए निकलता है तो ट्रेकिंग में आता है – your item is out for delivery.

जब आपके पास पँहुच जाता है तो आता है – delivered.

स्पीड पोस्ट में अलग तरीका है।
जब सामान शिप होता है(बुक होता है किसी पोस्ट आफिस में) तो उसके बाद इन स्टेप में यह आगे बढ़ता है-
1. item bagged for NSH jodhpur.
2. item dispatched to NSH jodhpur.
यानी सभी लोगो के सभी पैकेटों को एक बड़े से बोरे(बेग) में भर कर जोधपुर सॉर्टिंग हब के लिए रवाना कर दिया गया है।
फिर –
3. bag received
4. bag opened.
5.item bagged for ICH bikaner
6. item dispatched to ICH bikaner.
यानी नेशनल सॉर्टिंग हब जोधपुर को वो बैग पँहुच गया और उन्होंने उसमें से पैकेट निकाले, उन पर लिखे पैकेट्स पर लिखे पिनकोड ओर एड्रेस के आधार पर सम्बंधित इंटर सर्कुलर सॉर्टिंग हब ICSH(यंहा ICH बीकानेर) को उनके एरिये(सर्किल) के सारे पैकेट इकट्ठा करके बोरे में भरकर रवाना कर दिए।
7. bag received at ICH bikaner
8. bag opened at ICH bikaner.
9.item bagged for didwana H.O
10. item dispatched for Didwana H.O

यंहा ICH बीकानेर में अपने एरिये के पैकेट्स की फिर सॉर्टिंग(छंटनी) हुई है। पहले बैग प्राप्त हुआ, उसे खोला पैकेट निकाले, डीडवाना वाले पैकेट्स को छांटा गया और फिर बोरे में भरकर डीडवाना रवाना कर दिया गया।
11. bag received at didwana HO
12. bag opened at didwana HO

डीडवाना हेड आफिस में बैग ट्रक में आया, उसे खोला गया पैकेट्स निकाले , अलग अलग पोस्ट आफिस के हिसाब से पैकेट्स छांटे गए।
13. item dispatched to Ajwa BO
14. item delivered.

यानी पोस्ट आफिस आजवा को अपने इलाके के पैकेट्स प्राप्त हुए। ओर उन्होंने आप तक पंहुचा दिए।

कई बार क्या होता है कि सामान पंहुचाने में देरी हो जाती है परन्तु रिकार्ड्स में एकदम टाइम पर दिखाने के लिए एक स्टेप आगे दिखा देते है।
जैसे अभी सामान जोधपुर में ही पड़ा है परन्तु इसे बीकानेर पंहुचा हुआ दिखा देते है।
इसलिए सीधा डीडवाना से ही अपना सामान प्राप्त करने के लिए पहले इंतजार कर कि ट्रेकिंग में वह आपके पोस्ट आफिस पंहुचा हुआ दिखाई दे रहा है। उसके बाद आप पोस्ट आफिस नही जाकर ,डीडवाना HO जाकर सामान ले सकते है।

4. सामान अगर खराब निकल जाए तो–
अमेज़न ऐसे दुकानदारों को लात मार कर निकालदेती है जो खराब सामान भेजकर उसकी वेबसाइट का नाम बदनाम करती है। ओर अपनी इज़्ज़त बनि रहे इसके लिए आपके पैसे आपको वापस दे देती है। इसके लिए सिर्फ आपको यह करना होता है कि सामान खोलते वक्त उसका वीडियो बना ले और फिर उसे शिकायत के साथ अमेज़न को भेजे। फिर अमेज़न कन्फर्म करेगा कि हां, यह सच मे खराब ही आया है, कन्फर्म करने के बाद डीडवाना कुरियर को ईमेल भेजेगा की आपका सामान वापस भिजवाने का कष्ट करें। फिर आपको एक ईमेल आएगा कि आप अपना सामान वापस उसी कुरियर को पंहुचा दे जिससे लास्ट बार आपने लिया था। उस कुरियर के पास पहले ही ईमेल आ चुका है इसलिए वह खुशी खुशी आपका सामान ले कर वापस अमेज़न को कुरियर करेगी। अमेज़न उस दुकानदार के मुंह पर समान फेंक कर रुपये वसूल करके आपके खाते में आपके डिलीवरी चार्ज सहित जमा करवा देगी।

अगर सामान स्पीड पोस्ट से आया था तो आपको वापस स्पीड पोस्ट ही करवाना होगा।

तो इस तरह दुकान की तरफ से फ्रॉड की कोई संभावना नही रहती।

5. तो फिर जो वीडियो आते है कि एप्पल iphone मंगवाया ओर डिब्बे में से सेब निकला या पावर बैंक मंगवाया ओर अंदर LiPo की जगह नोकिया की बैटरी लगी निकली। वो सब क्या है?

उत्तर- असल मे वे सब लालची कस्टमरो की कारस्तानी होती है। उन्हें पता है कि अमेज़न खराब सामान का कहने पर पैसे वापस दे देगी। इसलिए वे असल चीज तो निकाल लेते है फिर ऐसे वीडियो वायरल करते है ताकि अमेज़न बदनाम होने से डरकर उनके पैसे भी वापस कर दे और समान तो उन्होंने निकाल ही लिया है।

कई बार कुरियर वाले भी सामान निकाल कर दुबारा पैक कर सकते है।
ओर कई बार दुकानदार भी भाषा के मायाजाल में आपको फंसा सकते है। यानी अगर आप एप्पल आईफोन को सिर्फ एप्पल कहते है। आईफोन नही कहते है तो दुकानदार एप्पल पैक करके, उसका नाम भी एप्पल ही बतलायेगा। लेकिन आप मूर्खो की तरह बिना “आईफोन” लिखा देखे ही एप्पल को एप्पल आईफोन मानकर खरीद लेंगे तो एप्पल ही निकलेगा। ऐसी मूर्खता का कोई इलाज नही है।

जब आप ऐसे सामान को return करने की कोशिश करेंगे तो अमेज़न यह बताते हुए मना कर देगा कि आपको वही चीज प्रप्त हुई है जो आपने मंगवाई थी।

इसके अलावा कुछ चीजो का ध्यान रहे।
3 स्टार से कम स्टार वाली चीज ना खरीदे।
4 या 5 स्टार वाली चीज में भी ध्यान रखे कि उसे ये स्टार कम से कम 100 से ऊपर लोगो ने दिए हो। क्योंकि 5-10 तो दुकानदार अपने रिश्तेदारों से ही दिलवा सकता है।

ओर चीज पँहुचने के बाद आप खुद स्टार(रिव्यु) देना ना भूले। ताकि ओर लोगो के काम आ सके।

6. विदेशो से मंगवाई गयी चीज।

कई बार आपको इंडिया पोस्ट(स्पीड पोस्ट) से समान भेजा जाता है लेकिन जब आप उसके ट्रेकिंग नम्बर इंडिया पोस्ट की वेबसाइट पर डालते है तो वो बताता है “consignment not found”.
इसका मतलब क्या है?
भारतीय डाक विभाग(इंडिया पोस्ट) , अपने सामान को ट्रैक करता रहता है कि अभी कन्हा से समान कंहा जा रहा है। किस आफिस से निकल गया और किस आफिस की तरफ बढ़ रहा है। जैसा कि मैंने ऊपर बताया।
लेकिन अगर कोई समान विदेशों(जैसे कि चाइना) से मंगवाया जा रहा है तो पहले तो वो चीन के एयरपोर्ट तक आने तक चीन के अंदर ही घूमेगा। इस दौरान भारत की कोई वेबसाइट उसे ट्रेक नही कर पायेगी। उसके बाद वह पालम हवाईअड्डे पर जब उत्तर कर SJ सॉर्टिंग आफिस दिल्ली पंहुचेगा,तब जाकर डाक विभाग की ट्रेकिंग शुरू होगी। उसके बाद आपके ट्रेकिंग नम्बर से सारी जानकारी आनी शुरू होगी।
SJ एक कुरियर कम्पनी है जो एक देश से दूसरे देश समान भेजती है।

तो इसलिए चिंता ना करे। जब तक आपके कन्साइनमेंट नॉट फाउंड आ रहा है इसका मतलब है कि आपका समान विदेश से इम्पोर्ट किया जा रहा है और अभी भारत नही पंहुचा है। अतः ट्रेक नही किया जा सकता।

ऑनलाइन शॉपिंग का भविष्य एंव रोजगार-

इसका भविष्य बहुत ही उज्ज्वल है। दिनों दिन ऑनलाइन शॉपिंग बढ़ ही रही है। आपको जंहा वराइटी की चीजें घर बैठे सस्ते दामो पर मिल जाती है वंही, दो प्रकार के रोजगार का सृजन भी होता है।
पहला आप अपनी दुकान अमेज़न पर उपलब्ध करवा सकते है।
द्वितीय, आप किसी भी कम्पनी का कुरियर आफिस खोल सकते है।
delhivary के डीडवाना स्थित आफिस में रोजाना ओसतन 2 सौ से अधिक पैकेट आते है और हर पैकेट पर 20 रुपये मिलते है। अर्थात 4000 रोज की आमदनी उसे होती है।
एक कस्टमर को जितने आफिस खुलेंगे उतना ही फायदा है।
इसके अलावा जितने लोग खरीददारी करेंगे आपके आस पास के उतना ही आपको भी फायदा है। क्योंकि तब डिलीवरी वाला आपके घर पर भी आना पसंद करेगा।

इसके फलने फूलने के लिए आपको चाहिये कि जब तक आपके साथ ऐसा नही हुआ हो तब तक वे फ्रॉड वाले वीडियो वायरल ना करे। और खुद भी ऐसे फ्रॉड करने की कोशिश ना करे।

नोट:- ऑनलाइन शॉपिंग, ई कॉमर्स के अंतर्गत आता है। एंव यह मेट्रोसिटी में पिछले 15 वर्षों से अवेलेबल थी। अब गांवो में भी अवेलेबल है। इसका जमकर फायदा उठाये।

शिपिंग चार्ज एंव GST:
कुरियर करवाकर आप तक चीज पंहुचाने में दुकानदार के पैसे लगते है। वे पैसे वह समान की कीमत में जोड़ता है। उसे शिपिंग चार्ज कहते है। लेकिन अगर अमेज़न पर 1000 रुपये से ऊपर का समान एक साथ मंगवाते है तो आपके शिपिंग चार्ज नही लगता है।
कैश ओन डिलीवरी-
अगर आपको पैसे एडवांस में देना सही नही लगता तो आप चीज पहले मंगवा लेते है , ओर जब आपके हाथ मे चीज आ जाती है तो आप उस कुरियर वाले को पैसे हाथ मे पकड़ा सकते है। या समान लेने से मना कर सकते है। इसमें एडवांस में पेमेंट नही करना होता। इसे केश ओन डिलीवरी कहते है। यह सिस्टम सब समान पर उपलब्ध नही होता।

पेमेंट विधियां-
अमेज़न पर आप कैसे भी पेमेंट कर सकते है। सबसे आसान तरीका आपके ATM से है जिसे डेबिट कार्ड कहा जाता है।

डीडवाना तक समान पँहुचने में लगा समय-(शिप होने से लेकर)
कुरियर से – पूरे पूरे 7 दिन।
स्पीड पोस्ट से – 5-6 दिन।

अगर विदेश से समान आ रहा है तो उनके भारत मे भेजने पर निर्भर करता है पर अमूमन 10 दिन में वे भारत भेज देते है।

जब आपका सामान पंहुचाने का टाइम आता है(ट्रेकिंग में out for delivery) तब कुरियर वाला आपको फोन कर देगा। और अच्छा होगा कि आप उसके फोन करने के बाद ही वँहा जाए।

अमेज़न की अमेरिकन वेबसाइट का नाम amazon.com है। जबकि भारतीय वेबसाइट का नाम amazon.in है। यह जरूर ध्यान रखे।

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